चूंकि कंप्यूटर के किसी भी सॉफ्टवेयर को तैयार करने के लिए प्रोग्रामिंग भाषा का इस्तेमाल किया जाता है और अगर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में कोई भी गलती हो जाती है तो सॉफ्टवेयर सही प्रकार से कार्य नहीं कर पाता है।

उस गलती को सही करने के लिए प्रोग्रामिंग भाषा में एडिटिंग की जाती है और एडिटिंग करने के बाद ही उसे टेस्ट किया जाता है और बार-बार टेस्ट करने के बाद उसे Public किया जाता है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कैसे बनाएं?

किसी भी कंप्यूटर को काम करने के लिए उसमें हार्डवेयर को जोड़ा जाता है, साथ ही उसमें सॉफ्टवेयर के जरिए प्रोग्रामिंग भी की जाती है। सॉफ्टवेयर एक प्रकार का इंस्ट्रक्शन का ग्रुप होता है, जिसे प्रोग्राम भी कहा जाता है और सभी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पर ही चलते हैं।

Application Software kaise banaen

सॉफ्टवेयर भी दो प्रकार के होते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर। नीचे हम आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाने का तरीका क्या है, इसके बारे में बता रहे हैं।

#1. अपना इंटरेस्ट जानें

यह बात आप जानते हैं कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के कुल 2 प्रकार होते हैं जिसमें पहला होता है एप्लीकेशन डेवलपमेंट और दूसरा होता है सिस्टम डेवलपमेंट। इन्हें एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और सिस्टम सॉफ्टवेयर भी कहा जाता है।

इसलिए आपको जिस भी प्रकार का डेवलपमेंट करना है सबसे पहले आपको उस प्रकार का सिलेक्शन कर लेना है। अब अगर आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाना है तो आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बारे में विचार करना है।

#2. प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखे

किसी भी व्यक्ति के दिमाग में कुछ नया करने का या फिर कुछ बड़ा करने का आईडिया आसानी से आ सकता है परंतु उस आइडिया को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए काफी मेहनत की जरूरत होती है। खासतौर पर जब एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को बनाने की आवश्यकता हो।

अगर आप सॉफ्टवेयर के डिजाइन के पहलूओ पर वर्क करना चाहते हैं, तो आपको कोडिंग लैंग्वेज सीखनी पड़ेगी, क्योंकि सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कोडिंग लैंग्वेज का आना बहुत ही आवश्यक होता है।

कोडिंग लैंग्वेज के तौर पर आपको विभिन्न प्रकार की लैंग्वेज के नाम सुनने को मिलेंगे। जिनमें से आप अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी कोडिंग लैंग्वेज को सीख सकते हैं। नीचे हम आपको कुछ महत्वपूर्ण कोडिंग लैंग्वेज की जानकारी दे रहे हैं जो अधिकतर सॉफ्टवेयर डेवलपर सीख करके रखते हैं।

  • (C Language)- यह एक बहुत ही पुरानी कोडिंग लैंग्वेज है जिसका इस्तेमाल अभी भी हो रहा है। सी कोडिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल लो लेवल के प्रोग्राम को तैयार करने के लिए होता है।
  • (C++)- अगल पॉपुलर कोडिंग लैंग्वेज की बात करें तो दुनिया में यह कोडिंग लैंग्वेज बहुत ही पॉपुलर है। बता दें कि मोज़िला, गूगल क्रोम, फायरफॉक्स और फोटोशॉप तथा दूसरे बड़े सॉफ्टवेयर का निर्माण इसी कोडिंग लैंग्वेज के द्वारा किया गया है, साथ ही इसका इस्तेमाल वीडियो गेम को तैयार करने में भी बड़े पैमाने पर होता है। आज भी जिन लोगों ने इस कोडिंग लैंग्वेज को सीखा है उनकी डिमांड हमेशा बनी रहती है।
  • (Java)- इस कोडिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल वीडियो गेम को तैयार करने में साथ ही बिजनेस सॉफ्टवेयर को तैयार करने में होता है।
  • (C#)- यह कोडिंग लैंग्वेज जावा और C++, से कनेक्टेड है। बता दे कि अगर आप जावा कोडिंग लैंग्वेज को सीख लेते हैं तो इस कोडिंग लैंग्वेज को भी सीखने में आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
  • (Objective-C)- एप्पल सिस्टम के लिए मुख्य तौर पर इसे डिजाइन किया गया था। इसके अलावा यह आईपैड एप्लीकेशन और आईफोन के लिए भी बहुत ही पॉपुलर है।
  • (Python)- पाइथन वेब डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक बहुत ही पॉपुलर कोडिंग लैंग्वेज है जिसे सीखना बहुत ही आसान है।

#3. रीर्सोसेस ढूंढें

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए आपके पास विभिन्न प्रकार की प्रोग्रामिंग की किताबें भी होनी चाहिए, जो आपको ऑनलाइन भी मिल जाएंगी और किसी बड़े बुक स्टोर में मिल जाएंगी।

इन किताबों को पढ़ करके आपको सॉफ्टवेयर बनाने के बारे में काफी जानकारी प्राप्त होगी, साथ ही आप कोडिंग की अच्छी जानकारी हासिल कर सकेंगे। आप Code Academy, Code Organization, Bento, Udacity, Udemy, Khan Academy, W3school जैसी वेबसाइट पर अपनी पसंदीदा किताब खोज सकते हैं।

#4. विचार करें

एक अच्छे प्रोग्रामर की यह खासियत होती है कि, वह लोगों के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर को क्रिएट करता है, जिसे इस्तेमाल करना हर व्यक्ति को आता हो, साथ ही उसके द्वारा तैयार किया गया सॉफ्टवेयर इंटरेस्टिंग भी हो।

इसलिए आपको अपने सॉफ्टवेयर को देखना है और इस बारे में आपको विचार करना है कि वह कौन से तरीके हैं जिसके जरिए आप अपने डेवलपमेंट प्रोसेस को सरल बना सकते हैं।

#5. Prototype बनाये

यह ऐसे फंक्शन को हाईलाइट करने का काम करता है जिसे आप प्राप्त करना चाहते हैं। यह एक क्विक प्रोग्राम होता है और जब तक आप को इस प्रकार का डिजाइन प्राप्त नहीं हो जाता तब तक आपको इसे मॉडिफाई करते जाना है।

एग्जांपल के तौर पर अगर किसी व्यक्ति ने कैलेंडर प्रोग्राम को तैयार कर लिया है तो एक बेसिक कैलेंडर ही आपका प्रोटोटाइप होगा ताकि आप प्रोग्राम कैलेंडर में अपने इवेंट को जोड़ सके।

#6. बार-बार टेस्ट करें

आपने जो एप्लीकेशन तैयार कर ली होती है, उसमें कई बार समय-समय पर एरर आती रहती है। ऐसा होने के पीछे कोड में कुछ गड़बड़ी होना कारण भूत मानी जाती है। इसीलिए आपको एरर को पहचाना पड़ता है और उसे ठीक करने का प्रयास करना पड़ता है।

इसके लिए आपने जो सॉफ्टवेयर बनाया हुआ है, उसे आपको अपने दोस्तों या फिर अपने फैमिली मेंबर को देना होता है और उन्हें सॉफ्टवेयर को टेस्ट करने के लिए कहना होता है।

एक बार जब उस सॉफ्टवेयर को वो टेस्ट करेंगे तो एक यूजर के तौर पर वह आपने जो सॉफ्टवेयर बनाया है उसकी कमियों के बारे में बताएंगे ताकि आप अपने सॉफ्टवेयर में जो कमी है उसे ठीक कर सके।

इस प्रकार से आप एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को तैयार कर सकते हैं। हालांकि हम आपको यह भी बता दें कि आर्टिकल में जो तरीका आपको बताया है, वह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को तैयार करने का एक बेसिक फॉर्मेट है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को बनाने में अन्य कई बातों का ध्यान रखा जाता है, जो आपको तभी पता चलेंगे जब आप एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्रिएट करने से संबंधित कोई कोर्स करेंगे, क्योंकि कोर्स के अंदर आपको प्रैक्टिकल तौर पर सिखाया जाता है। इसलिए बेहतर रहेगा कि आप सॉफ्टवेयर डेवलपर का कोई कोर्स करें।

सॉफ्टवेयर कौन बनाता है?

सॉफ्टवेयर उत्पादकों को प्रोग्रामर या सॉफ्टवेयर डेवलपर्स कहा जाता है। हालांकि, ऐसे कई लोग हैं जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर बना रहे हैं। इन लोगों के पास प्रोग्रामिंग कौशल है।

सॉफ्टवेयर से क्या होता है?

सॉफ्टवेयर, निर्देश और कार्यक्रम का एक समूह है जो आपके कंप्यूटर को एक विशिष्ट काम करने के लिए कहता है। यह उपयोगकर्ता को कंप्यूटर पर काम करने का अवसर देता है। सॉफ्टवेयर के बिना, कंप्यूटर हार्डवेयर सिर्फ एक निर्जीव बॉक्स है। आप सॉफ्टवेयर नहीं देख सकते।

निष्कर्ष

तो साथियों अब आपको application software कैसे बनाएं? इस विषय पर बेसिक जानकारियां मिल गई होगी, आपको यह पोस्ट कैसा लगा? पसंद आया है तो जानकारी को सांझा भी जरूर कर दें।

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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