हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इन दोनों भागों को मिला कर के ही कंप्यूटर नामक मशीन का निर्माण किया जा सकता है। यू समझ लीजिए कि कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर एक दूसरे के पूरक हैं, इनमें से अगर किसी भी एक चीज में खराबी आ जाती है तो कंप्यूटर को ऑपरेट करने में समस्या पैदा हो सकती है।

जहां हार्डवेयर को हम छू सकते हैं परंतु हम सॉफ्टवेयर को टच नहीं कर सकते ना ही हम उसे देख सकते हैं। कंप्यूटर और लैपटॉप में सिस्टम सॉफ्टवेयर तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर मौजूद होते हैं, जिन दोनों का कार्य अलग अलग होता है। आखिर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कार्य क्या है?

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या होता है?

कम्प्यूटर उपयोगकर्ता के किसी विशेष उद्देश्य या फिर काम को संपूर्ण करने के लिए डेवलपर कंपनी अथवा एक डेवलपर द्वारा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्रिएट किए जाते हैं। परंतु इसके अलावा हम आपको यह भी बता दें कि यह सिर्फ किसी विशेष काम तक ही लिमिटेड नहीं है बल्कि यह दूसरे भी कई काम करते हैं।

application software ke karya

प्रायः किसी एक ही एप्लीकेशन के द्वारा विभिन्न कार्यों को एक साथ करने के लिए भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्रिएट किए जाते हैं।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कार्य

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को जिस विशेष काम के लिए बनाया जाता है उस पर हम सिर्फ वही वर्क कर सकते हैं। जैसे कि MS Word वर्ड पर आप सिर्फ टेक्स्ट, टाइपिंग, एडिटिंग और फॉर्मेटिंग जैसे वर्क ही कर सकते हैं, वही Tally पर आप सिर्फ एकाउंटिंग से संबंधित काम ही कर सकते हैं।

इसके अलावा फोटोशॉप एप्लीकेशन में आप फोटो एडिटिंग करने का कार्य ही कर सकते हैं परंतु जिन एप्लीकेशन को Multipurpose के लिए बनाया जाता है उनका इस्तेमाल आप कई कामों को करने के लिए कर सकते हैं। जैसे कि पेटीएम, फोन पे, फ्रीचार्ज इत्यादि।

इन सभी एप्लीकेशन पर आप अपने मोबाइल का रिचार्ज भी कर सकते हैं, दूसरे व्यक्ति को पैसे भी भेज सकते हैं और लोन के लिए अप्लाई भी कर सकते हैं तथा वॉलेट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप ऐसी अन्य कई सर्विस है जो इन एप्लीकेशन के द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की विशेषताएं क्या है?

नीचे आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की विशेषताएं बताई जा रही है।

  • आपकी जानकारी के लिए बता दे कि किसी विशेष काम को दिमाग में रखते हुए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को क्रिएट किया जाता है ताकि सॉफ्टवेयर क्रिएट हो जाने के बाद वह उपयोगकर्ता के कामों की पूर्ति कर सके।
  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर पर हमें तमाम प्रकार के टूल किसी विशेष काम को करने के लिए एक सिंगल विंडो में ही प्राप्त हो जाते हैं जिसके कारण हमारा काम जल्दी से हो जाता है।
  • सामान्य यूजर को एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की सहायता से बहुत ही फायदा होता है। इसके जरिए उनका काम काफी सरल हो जाता है और वह जल्दी से अपना काम कर लेते हैं।
  • आवश्यकता के अनुसार Add-Ones लेने की सर्विस भी कुछ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में प्राप्त हो जाती है।
  • डेवलपर कंपनी या फिर डेवलपर व्यक्ति के द्वारा यूजर फ्रेंडली एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को क्रिएट किया जाता है ताकि जब उसे लांच किया जाए तब उसका इस्तेमाल अधिकतर लोग कर सकें क्योंकि जब उन्हें एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को रन करने के बारे में जानकारी होगी तभी वह उसे सही प्रकार से चला सके। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को लोगों के लिए फायदेमंद साबित करने के लिए इसे आसान बनाया जाता है।
  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हमें इस बात की भी परमिशन देता है कि हमने उस पर जो प्रोजेक्ट क्रिएट किए हैं उसे हम विभिन्न फॉर्मैट्स में Save कर सके।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कितने प्रकार हैं?

काम के हिसाब से विभिन्न प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं जिसमें से कुछ महत्वपूर्ण एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की जानकारी निम्नलिखित है।

1. Word Processing Software

इस प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग फॉर्मेटिंग, एडिटिंग और टाइपिंग करने के लिए किया जाता है।

2. Spreadsheet Software

इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयोग डाटा को रिकॉर्ड करने के लिए, उसकी कैलकुलेशन करने के लिए और उसकी कंपैरिजन करने के लिए किया जाता है।

3. Database Management Software

डाटा को मैनेज करने के लिए, डाटा को परिवर्तित करने के लिए और डाटा को स्टोर करने के लिए इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है।

4. Presentation Software

इस सॉफ्टवेयर का यूज करके हम अपनी इमैजिनेशन को ऑडियो, वीडियो, इमेज और टेक्स्ट का यूज करके ग्राफिकल तौर पर प्रजेंट कर सकते हैं।

5. Accounting Software

इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का अधिक इस्तेमाल बड़ी-बड़ी कंपनियों में किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर का यूज़ फाइनेंसियल काम को मैनेज करने के लिए और एकाउंटिंग का काम करने के लिए किया जाता है। इसके अंदर किसी बिजनेस के फाइनेंसियल डाटा को स्टोर किया जाता है। इसके अलावा ट्रांजैक्शन के लिए भी अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल किया जाता है। Tally पॉपुलर अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का एग्जांपल है।

6. Desktop Publishing Software

ब्रोशर, यूज़पेपर और न्यूज़ लेटर जैसे डॉक्यूमेंट को क्रिएट करने के लिए इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है। एडोब पेजमेकर इसका बेस्ट एग्जांपल है।

7. Graphic Designing Software

2D, 3D पिक्चर क्रिएट करने के लिए और डिफरेंट टाइप के ऑब्जेक्ट की फाइल की एडिटिंग करने के लिए और उसमें बदलाव करने के लिए ग्राफिक डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर का यूज़ होता है। एडोब फोटोशॉप इसका उदाहरण है।

8. Multimedia Software

इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयोग करके व्यक्ति वीडियो फाइल, ऑडियो फाइल को चला सकता है अथवा रिकॉर्ड कर सकता है। विंडोज मल्टीमीडिया प्लेयर, वीएलसी मीडिया प्लेयर, एम एक्स प्लेयर इसके बेस्ट एग्जांपल है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्यों बनाया जाता है?

डेवलपर कंपनी अथवा डेवलपर व्यक्ति के द्वारा किसी विशेष काम को करने के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का निर्माण होता है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का वैकल्पिक नाम क्या है?

End User Program

एप्लीकेशन क्या है?

सरल भाषा में कहा जाए तो एप्लीकेशन एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जो आपको किसी विशेष कार्य को करने की परमिशन Allow करता है।

निष्कर्ष

तो साथियों आपने इस संपूर्ण गाइड में आपने एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कार्य के बारे में जाना, अगर यह लेख आपके लिए सहायक मंद साबित हुआ है तो इस जानकारी को सोशल मीडिया पर अन्य दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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