कंप्यूटर के विभिन्न टाइप्स के अनुसार ही इनके कार्य करने की क्षमता भी अलग-अलग होती है. और कंप्यूटर में मौजूद इन पार्ट्स को किसी एक व्यक्ति ने नहीं बल्कि अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा मिलकर बनाया है, इसलिए जब हम बात करते हैं कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया है तो इसका सीधा जवाब देना थोड़ा कठिन हो जाता है.

क्योंकि कंप्यूटर से लेकर पर्सनल कंप्यूटर तक के सफर में कंप्यूटर के विकास की प्रक्रिया में अनेक लोगों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. जिससे समयानुसार कंप्यूटर पहले से और अधिक बेहतर होता गया.

कंप्यूटर का आविष्कार सबसे पहले किसने किया इसे समझने के लिए आपको कंप्यूटर के वर्गीकरण को समझना आवश्यक हो जाता है.

अतः इस लेख में हम कंप्यूटर्स के प्रकार के अनुसार जानेंगे कि Computers को किस किसने Devlope किया? आशा है, इस लेख को पढ़ने के बाद आप कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया आप अच्छी तरह समझ जाएंगे.

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कंप्यूटर का खोज किसने किया था?

Charles Babbage को कंप्यूटर का पितामह भी कहा जाता है उन्हें विश्व के पहले मैकेनिकल कंप्यूटर के सिद्धांत की खोज करने का श्रेय दिया जाता है.

भले ही आज भी कई लोगों के बीच यह मान्यता है कि 1622 में आया Abacus दुनिया का पहला कंप्यूटर था. जिसका William Oughtred द्वारा आविष्कार किया गया था.

लेकिन आज हम जिन आधुनिक कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं इन कंप्यूटर्स की analytical engine ने ही नींव रखी थी. जिसकी शुरुआत ब्रिटिश गणितज्ञ चार्ल्स बेबेज द्वारा 1833 से 1871 के बीच की गई थी.

प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का क्या नाम रखा गया था?

विश्व के पहले इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्रामेबल कंप्यूटर का नाम ENIAC था इसे यूएस में विकसित किया गया था हालांकि आज के कंप्यूटर की तुलना में इसका आकार काफी बड़ा था.

आज जहां हम कंप्यूटर को आसानी से टेबल पर रख कर इस्तेमाल कर पाते हैं वहीं विश्व का यह पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर 70,000 resistors, 10,000 capacitors और 18,000 vacuum tubes के साथ 1801 स्क्वायर फीट में फैला था.

यह पहली कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक मशीन लगभग 200 किलो watt विद्युत का इस्तेमाल करके चलाई जाती थी.

ENIAC नामक इस कंप्यूटर का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वर्ष 1945 में Presper Eckert और John Mauchly द्वारा किया गया था इसे प्रथम डिजिटल कंप्यूटर भी कहा जाता.

पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर कब बनाया गया था?

कंप्यूटर के अंदर विभिन्न प्रोग्राम्स डाले गए हैं जिनकी मदद से यह मशीन कार्य करती है. Programmable computer के इतिहास को देखें तो वर्ष 1938 में पहला Programmable computer किया गया जिसका नाम z1 वन रखा गया.

यह एक mechanical कंप्यूटर था जिसे Konrad Zuse द्वारा वर्ष 1936 से 1937 के बी डिजाइन किया गया. आपके लिए जानना दिलचस्प होगा कि बर्लिन में रखे गए दुनिया के इस पहले programmable computer को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बम ब्लास्ट में उड़ा दिया गया

दुनिया के पहले कमर्शियल कंप्यूटर का आविष्कार कब किया गया?

14 जनवरी 1951 को UNIVAC नामक दुनिया का पहला कमर्शियल कंप्यूटर लॉन्च किया गया. यूनीवैक का पूरा नाम “यूनिवर्सल ऑटोमेटेड कंप्यूटर” था.

Commercial कंप्यूटर्स को industrial computers भी कहा जाता है, सामान्य कंप्यूटर्स की तुलना में कमर्शियल कंप्यूटर में Tasks को करने के लिए अधिक हार्डवेयर की रिक्वायरमेंट होती है.

इस कमर्शियल कंप्यूटर का आविष्कार दुनिया के पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार करने वाले J. Presper Eckert and John Mauchly दो व्यक्तियों द्वारा किया गया था.

इस कंप्यूटर को भी चलाने के लिए हजारों वेक्यूम ट्यूबस का इस्तेमाल होता था. सच कहा जाए तो आज के मॉडर्न कंप्यूटर्स की नींव इसी कंप्यूटर ने उस समय रखी थी.

विश्व का प्रथम इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

1939 से लेकर 1942 के बीच प्रोफेसर John Atanasoff और Student Clifford Berry (both USA) द्वारा दुनिया के पहले इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर ABC को Iowa State University USA, में 1939 and 1942 के बीच बनाया गया.

पहला पर्सनल कंप्यूटर किसने बनाया और कब?

कंप्यूटर की दुनिया में पर्सनल कंप्यूटर्स ने क्रांति लाने का कार्य किया जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जिन कंप्यूटर्स का इस्तेमाल किया जाता है उनमें से सर्वाधिक पर्सनल कंप्यूटर ही होते हैं पहले पर्सनल कंप्यूटर का आविष्कार सितंबर 1975 में किया गया था.

IBM 5100 पहला पोर्टेबल कंप्यूटर था जिसमें 64 Kb Ram, 5 इंच की CRT डिस्प्ले और 1.9 MHZ का Palm प्रोसेसर लगा हुआ था.

लैपटॉप का आविष्कार किसने किया था और कब?

वर्ष 1981 में आए Osborne I, को असल मायनों में पहला portable computer या Laptop कहा गया.

हालांकि आज के लैपटॉप्स की तुलना में इसका आकार काफी बड़ा था एवं limited functionality थी, इसे Osborne द्वारा निर्मित किया गया..

मार्केट में इस लैपटॉप के लॉन्च होते ही इसने बड़ी धूम मचाई क्योंकि इसमें कुछ pre installed सॉफ्टवेयर के साथ एक छोटी स्क्रीन भी दी गई थी. पैसे वाले लोगों ने इस लैपटॉप की $1795 कीमत होने के बावजूद भी इसे एक लग्जरी आइटम के तौर पर खरीदा.

इस लैपटॉप की सफलता के बाद अन्य ब्रांड्स ने भी अपनी कंप्यूटर्स को आने वाले सालों में लांच किया.

वर्ष 1988 में आईबीएम ने 5155 नामक पर्सनल कंप्यूटर को लांच किया. उसके बाद कंपास इसी क्रम में एक नया इनोवेशन लेकर आई और मार्केट में Vega 3 ग्रैफिक्स के साथ एक Compaq SLT/286 नामक लैपटॉप लांच किया.

और फिर अन्य ब्रांड्स ने भी इस लैपटॉप की सफलता को देखकर laptops बनाना शुरू किया और आज हम मार्केट में विभिन्न कंपनी के लैपटॉप्स देखते हैं.

सुपर कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ?

सुपर कंप्यूटर को 1960 के दशक में बनाया गया था. अमेरिका के कंट्रोल डेटा कॉरपोरेशन के एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर Seymour Cray ने दुनिया का सबसे तेज कंप्यूटर बनाने की शुरुआत की थी. Cray “सुपरकंप्यूटिंग के पिता” माने जाते हैं.

यह कम्पनी सुपर कंप्यूटर बनाने के क्षेत्र में एक दौर तक सबसे आगे थी. Cray ने पहले स्वीकार किए गए सुपर कंप्यूटर, CDC 6600 को डिज़ाइन किया था.

भारत का पहला कंप्यूटर कहां स्थापित किया गया था?

भारत में भी कंप्यूटर का इतिहास काफी पुराना है. वर्ष 1952 में भारत के Dwijish Dutta dwara कोलकाता के भारतीय विज्ञान संस्थान में पहला कंप्यूटर स्थापित किया गया.

लेकिन वर्ष 1956 में डिजिटल कंप्यूटर HEC – 2M आया तो इसे भारत के पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर माना गया. यह वह समय था जब विश्व के काफी कम देशों के पास कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की पहुंची थी, अतः विश्व के विकसित देश ही कंप्यूटर्स का इस्तेमाल कर पाते थे इसलिए एशिया में जापान के बाद भारत दूसरा कंप्यूटर टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने वाला देश बन गया.

भारत का पहला कंप्यूटर कब बना?

भारत में निर्मित पहले कंप्यूटर का नाम ISIJU था इसे वर्ष 1966 में भारत की 2 संस्थाओं भारतीय सांख्यिकी संस्थान तथा जादवपुर यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा मिलकर बनाया गया था. इस कंप्यूटर की विशेषता यह थी कि इसमें वेक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया गया था.

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कब बना?

PARAM 8000 भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कहा जाता है. जिसे Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) के कर्मचारियों द्वारा मिलकर बनाया गया था सामान्य कंप्यूटर्स की तुलना में सुपर कंप्यूटर के कार्य करने की क्षमता काफी अधिक होती है.

यह weather forecasting, remote sensing, drug design जैसे कार्यों को करने योग्य होता है

इस कंप्यूटर को डिजाइन करने में आर्किटेक्ट विजय पी भटकर का विशेष योगदान रहा. सुपर कंप्यूटर परम का पूरा नाम PARAllel Machine है भारत में पहला सुपर कंप्यूटर PARAM 1000 वर्ष 1981 में जबकि PARAM 10000 वर्ष 1998 में तैयार हुआ.

भारत में कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ?

भारत का प्रथम स्वदेशी कंप्यूटर ISIJU था जिसे वर्ष 1966 में स्थापित किया गया.

अंतिम शब्द

हमें उम्मीद है इस लेख को पढ़ने के बाद आपको कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया इस बात का उत्तर मिल चुका गोगा? हमारा हमेशा से ही पाठकों को किसी भी लेख में पूर्ण जानकारी देने का मकसद रहता है! ताकि उन्हें एक ही स्थान पर किसी भी टॉपिक की पूर्ण जानकारी मिल सके! अगर यह जानकारी आपको पसंद आई तो आप इसे शेयर करके दूसरों की मदद करना ना भूले.

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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