पिछले लेख में हमने जाना था कि यह हार्डवेयर क्या है? सोफ्टवेयर क्या है? हमने आपको यह भी बताया था कि हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर और सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर दोनों अधूरे हैं. वैसे तो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं. लेकिन फिर भी इन दोनो में काफी भिन्नता देखने को मिलती हैं.

अगर आप हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर जानना चाहते हैं, तो इसे पूरा जरूर पढ़ें. अक्सर लोग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के अंतर को सिर्फ एक वाक्य में यह बोल कर खत्म कर देते हैं कि हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक भाग और सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का आंतरिक भाग है जिसे हम छु नहीं सकते.

यह सही है, परंतु हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर को इससे भी कई बेहतर तरीके से बताया जा सकता है.

इसीलिए नीचे आपको हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर का वर्णन बहुत ही आसान शब्दों में और अलग-अलग कैटेगरी की मदद से दिया गया है. जिसे पढ़ने के बाद आप कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पार्ट को और भी अच्छे तरीके से जान पाएंगे.

hardware aur software me antar

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच अंतर

हार्डवेयर कंप्यूटर का वह मशीनी भाग है जिसका उपयोग करके उपयोगकर्ता कंप्यूटर में जरूरी इंफॉर्मेशन डालते हैं. कंप्यूटर के हार्डवेयर भाग में CPU, Memory, Hard Disk, Monitor, Printer, Mouse आदि शामिल होते हैं.

कंप्यूटर में मौजूद वो खास प्रोग्राम जिनका उपयोग करके अलग-अलग टास्क को परफॉर्म किया जाता है, उसे सॉफ्टवेयर कहते हैं. कंप्यूटर में मौजूद यह प्रोग्राम कंप्यूटर के CPU द्वारा run किए जाते हैं. MS Word, Google Chrome, Photoshop सॉफ्टवेयर का सबसे अच्छा उदाहरण है.

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक-दूसरे से काफी अलग है. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर को विस्तार पूर्वक दिखाया गया हैं.

1. अंग के आधार पर

हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक भाग हैं, जो कंप्यूटर में निर्देश देने के लिए उपयोग में लाया जाता है. सॉफ्टवेयर वो प्रोग्राम है, जिसका उपयोग अलग-अलग टास्क को पूरा करने के लिए किया जाता है.

2. विकास के आधार पर

कंप्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स को फैक्ट्री में बनाया जाता है. वही कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर पार्ट्स को सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा software development company में बनाया जाता है.

3. निर्भरता के आधार पर

सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश को पूरा नहीं कर सकता है. और वही हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर में किसी तरह का निर्देश डाला ही नहीं जा सकता है.

4. दृश्यता के आधार पर

हार्डवेयर कंप्यूटर का वह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसे हम छूने के साथ ही महसूस भी कर सकते हैं. वही सॉफ्टवेयर सिर्फ डिजिटल फॉर्म में ही मौजूद होता है उसे छुआ नहीं जा सकता है.

5. प्रकार के आधार पर

हार्डवेयर तीन प्रकार के होते है – Input Devices, Output Devices और Storage Devices. सॉफ्टवेयर के भी तीन प्रकार होते हैं – Programming Softwares, Application Softwares और Operating Systems. लेकिन इन हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पार्ट्स के काम अलग अलग होते हैं.

6. वाइरस के आधार पर

हार्डवेयर पर वायरस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है वही सॉफ्टवेयर वायरस की वजह से पूरी तरह बर्बाद भी हो सकता है.

7. स्थानांतरण के आधार पर

हार्डवेयर पार्ट्स को physically ट्रांसफर किया जा सकता है. सॉफ्टवेयर को सिर्फ डिजिटली ट्रांसफर किया जा सकता है.

8. प्रतिस्थापन के आधार पर

अगर कोई हार्डवेयर खराब हो जाए या फिर टूट जाए तो उसे रिप्लेस व ठीक किया जा सकता है. लेकिन सॉफ्टवेयर को ठीक नहीं किया जा सकता है उसे सिर्फ reinstall किया जा सकता है.

9. महत्त्व के आधार पर

हार्डवेयर विभिन्न भागों से मिलकर बना होता है जबकि एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता सॉफ्टवेयर की सहायता से computer पर कार्य कर पाता है.

10. उदाहरण के आधार पर

Keyboard, Mouse, Monitor, Printer, CPU, Hard disk, RAM, ROM आदि हार्डवेयर के उदाहरण है. जबकि Ms Word, Excel, PowerPoint, Photoshop, MySQL सॉफ्टवेयर का उदाहरण है.

11. कार्य के आधार पर

हार्डवेयर को अगर कंप्यूटर का ह्रदय कहा जाता है, तो सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर की आत्मा कहते हैं.

इतना पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि आखिर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर क्या है. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी देने के लिए हमने कुछ प्रश्नों का उपयोग किया है.

क्या कंप्यूटर हार्डवेयर के बिना काम कर सकता है?

किसी भी कंप्यूटर में कम से कम display, hard drive, keyboard, memory, motherboard, processor, power supply और video card का होना बहुत जरूरी है.

बिना इन चीजों के कोई कंप्यूटर काम कर ही नहीं सकता है. अगर कंप्यूटर के इन हार्डवेयर पार्ट्स में से किसी भी पार्ट में कोई परेशानी होती है या वह खराब हो जाता है. तो ऐसी स्थिति में कंप्यूटर चालू ही नहीं होगा, क्योंकि हार्डवेयर की मदद से कंप्यूटर में उपयोग करता जरूरी इंफॉर्मेशन और जानकारियों को डालते हैं.

जानकारियों को डालने के बाद कंप्यूटर में मौजूद हार्डवेयर पार्ट्स सॉफ्टवेयर को चलाते हैं और उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए इंफॉर्मेशन को प्रोसेस करते हैं. प्रोसेस करने के बाद कंप्यूटर के आउटपुट दिखाने वाले हार्डवेयर पार्ट्स की मदद से उपयोगकर्ता रिजल्ट देख पाते हैं.

क्या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के बिना काम कर सकता है?

इस प्रश्न का जवाब थोड़ा जटिल है क्योंकि ऐसे कई सारे सॉफ्टवेयर हैं. जिसके बिना कंप्यूटर आसानी से चल सकता है क्योंकि हार्डवेयर की तरह सॉफ्टवेयर कई सारी चीजों को यूज नहीं कर सकता बल्कि अलग-अलग काम को करने के लिए अलग है तरह के सॉफ्टवेयर बनाए गए हैं.

और लोग इन सॉफ्टवेयर को अपनी आवश्यकता के अनुसार डाउनलोड करते हैं.

लेकिन वहीं अगर कंप्यूटर में operating system software इंस्टॉल नहीं रहेगा तो कंप्यूटर काम ही नहीं करेगा. काम करना तो फिर भी दूर की बात है ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर चालू ही नहीं होगा. संक्षेप में कहें तो यह सॉफ्टवेयर की जरूरत और प्रकार पर निर्भर करती है कि उसके बिना कंप्यूटर काम कर सकता है या नहीं.

निष्कर्ष

दोस्तों इस पोस्ट में आपने जाना है कि हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर क्या है? इतना ही नहीं इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप यह भी समझ गए होंगे कि कंप्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्या महत्व है. इस पोस्ट में बताई गई जानकारी अगर आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए.

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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