अगर आप काफी सालों से लैपटॉप का इस्तेमाल करते आ रहे हैं तो लैपटॉप कैसे चलाएं, लैपटॉप कितने का आता है, आप भली-भांति जानते होंगे. लेकिन क्या आपको पता है लैपटॉप कैसे बनता है? यदि नहीं तो यह पोस्ट आपके लिए ही है.

लैपटॉप एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक device है, जिसे उम्र के अनुसार व्यक्ति द्वारा अलग-अलग उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जैसे कि गेमिंग, के लिए, अपने निजी कार्यों के लिए या फिर ऑफिस के लिए.

इसलिए मार्केट में आपको अलग-अलग आकार, दाम के हिसाब से लैपटॉप्स देखने को मिलते हैं. लेकिन इन लैपटॉप को बनाने का प्रोसेस काफी कम लोग जानते हैं.

इस आर्टिकल में हमने इस गंभीर टॉपिक पर सटीक जानकारी पहुंचाने की कोशिश की है. ताकि आपको एक Basic आइडिया जरूर लग जाए कि एक लैपटॉप किन-किन प्रोसेस से गुजरकर मार्केट में आता है? तो आइए शुरुआत करते है लैपटॉप कैसे बनाएं.

laptop kaise banate hain

लैपटॉप का मदरबोर्ड कैसे तैयार होता है?

Computer/Laptop का सबसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट होता है Motherboard जिससे इस मशीन के अन्य कंपोनेंट जुड़े होते हैं. तो एक लैपटॉप तैयार करने कि इस प्रक्रिया की शुरुआत होती है Motherboard से.

मदरबोर्ड को बनाने के लिए PCB अर्थात Printed Circuit Board प्लेट्स का इस्तेमाल किया जाता है जिसकी मदद से एक कंपोनेंट दूसरे से अटैच होता है.

इस Pcb प्लेट में काफी बारीक आकार के कॉपर लगे होते हैं. अब इसी प्लेट में मशीन की सहायता से एक Layout यानी खांचे तैयार किए जाते हैं जिससे सभी कंपोनेंट्स को उनके स्थान पर सेट किया जा सके.

संक्षेप में कहा जाए तो पीसीबी प्लेट में किस जगह रैम, सीपीयू होगा यह जगह बनाने में एक मशीन का इस्तेमाल किया जाता है,और जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो एक बार यह कंफर्म किया जाता है कि किसी कंपोनेंट के लिए PCB प्लेट में जगह छूट तो नहीं रह गई है.

इसे पता लगाने के लिए एक Scanning मशीन का उपयोग करके फोटो कैप्चर की जाती है जिसके बाद यह फोटो एक कंप्यूटर को भेज दी जाती है जो PCB प्लेट का विश्लेषण करता है.

इस तरह जब पीसीबी प्लेट को बारीकी से चेक कर लिया जाता है तो अगले स्टेप में इसी प्लेट में मदरबोर्ड में लगने वाले छोटे (सूक्ष्म) कॉम्पोनेंट् को लगाया जाता है.

तो इन कंपोनेंट्स को सही लोकेशन पर सेट करने के लिए इस पीसीबी प्लेट को 15 रोबोटिक मशीन से गुजारा जाता है. यह सभी मशीन सभी कंपोनेंट्स को सही स्थान पर सेट कर देती हैं.

दिलचस्प बात यह है कि रोबोटिक मशीन इस कार्य को 1 मिनट से भी कम समय में निपटा देती है. अगर मैनुअली यह काम किया जाए तो इंसानों को इसमें बहुत समय लगा सकता है.

तो एक बार जब सभी छोटे छोटे कंपोनेंट इस पीसीबी प्लेट में सेट हो जाते हैं. तो यह चेक किया जाता है कि सारे कॉम्पोनेंट्स सही लोकेशन पर सेट हुए या नहीं यह अन्य मशीन चेक करती है.

फिर अगले चरण में मदर बोर्ड में लगे यह सभी कंपोनेंट्स अपना वर्क कर रहे हैं या नहीं इसे चेक करने के लिए एक कंप्यूटराइज्ड मशीन का इस्तेमाल किया जाता है.

और यह सारी जब प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है तब मदरबोर्ड को असेंबल करने हेतु भेज दिया जाता है.

Laptop Display कैसे बनाते है?

लैपटॉप की डिस्प्ले पहले से ही बनाई गई होती है. और लैपटॉप बिल्ड करने के लिए उस डिस्प्ले को लाया जाता है और इसमें एक फिल्म प्रोटेक्टर चढ़ाया जाता है.

उसके बाद इस लैपटॉप में कनेक्टेर लगाया जाता है जिससे लैपटॉप की डिस्प्ले सभी मुख्य भागों अर्थात मदर बोर्ड से कनेक्ट की जाती है.

और इस प्रकार हम जिस भी लैपटॉप में काम करते हैं वह हमें स्क्रीन पर दिखाई देता है.

अगले स्टेप में स्क्रीन पर एक Frame लगाया जाता है. और इसी फ्रेम में Webcam, microphone जैसे components को लगाया जाता है. साथ ही इस फ्रेम में Wi-Fi एंटीना जैसे महत्वपूर्ण भागों को अटैच किया जाता है.

इस तरह डिस्प्ले का सारा कार्य समाप्त होने के बाद इस डिस्प्ले को एक मैटल फ्रेम में रखा जाता है और डिस्प्ले को Press किया जाता है ताकि जो फ्रेम है वह अच्छे से fit हो सके.

इस प्रकार लैपटॉप का ऊपरी भाग तैयार हो चुका है और अब बात आती है निचले भाग की अर्थात कीबोर्ड की तो.

लैपटॉप में एक कीबोर्ड या कहें तो टचपैड ऐड किया जाता है और लैपटॉप की डिस्प्ले को कीबोर्ड से अटैच किया जाता है. फिर अगले स्टेप में शुरू होती है

मदरबोर्ड में Fan तथा अन्य कंपोनेंट्स को लगाने की प्रक्रिया

तो इस प्रोसेस के बाद मदर बोर्ड में एक Fan लगाया जाता है, जो Heat को कम करने का काम करता है. तो इसके लिए पहले मदर बोर्ड को इस हिसाब से कट किया जाता है जहां पर मदर बोर्ड के Fan को सेट किया जा सके.

तो इस प्रकार जब मदरबोर्ड में फैन लग जाता है तो अगले स्टेप में लैपटॉप के कीबोर्ड, डिस्पले इत्यादि सभी कंपोनेंट्स को अब वायर्स की मदद से मदरबोर्ड से अटैच किया जाता है.

तो इतना करने के बाद लगभग लैपटॉप बनाने की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है, तो अब अन्य कंपोनेंट जैसे कि वाईफाई, ब्लूटूथ driver, RAM, हार्ड डिस्क इत्यादि कंपोनेंट को मदर बोर्ड में दिए गए इनके स्लॉट से अटैच किया जाता है.

और अब अंत में बात आती है लैपटॉप की बैटरी की तो उसके लिए भी अलग से फ्रेम लगाकर उसे इस डिवाइस से अटैच किया जाता है.

तो यह सारे कंपोनेंट जब अटैच हो जाते हैं तो लैपटॉप को अब Lock कर दिया जाता है. लॉक करने के बाद एक बार फिर से इसे चेक किया जाता है क्या इस मशीन की स्क्रीन, कीबोर्ड काम कर रही है या फिर नहीं.

तो यह वेरीफाई करने के बाद अब अंत में इसे पैकेजिंग के लिए भेजा जाता है जिसके बाद मार्केट में लैपटॉप को लांच किया जाता है.

निष्कर्ष

तो साथियों यह थी पूरी प्रोसेस लैपटॉप कैसे बनाते हैं से लेकर उसके पैकेजिंग तक कि, हमें आशा है इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको लैपटॉप कैसे बनाएं इसकी एक बेसिक जानकारी मिल गई होगी. अगर इससे संबंधित अभी आपके मन में कोई डाउट है तो बेझिझक पूछ सकते है साथ ही जानकारी पसंद आए तो शेयर भी करें.

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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