जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है वैसे-वैसे ही टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर की फील्ड से संबंधित पेशेवरों अथवा विषेशज्ञों की डिमांड भी मार्केट में बढ़ने लगी है। ऐसे में आप सोचते हें की एक सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने इसकी जानकारी इस लेख में आपको मिल जाएगा।

अगर कोई आवेदक कंप्यूटर की फील्ड में अपना कैरियर बनाना चाहता है तो आगे चलकर के यह उसके लिए बहुत ही फायदेमंद सौदा साबित हो सकता है, क्योंकि भविष्य में जिन स्थानों पर अभी कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, वहां पर भी होने लगेगा। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपर बनता है तो उसका करियर स्कोप काफी अच्छा रहेगा।

सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बनते हैं?

अगर आपको आगे चलकर के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना है या सॉफ्टवेयर डेवलपर वर्क क्या है, तो आपको इसकी तैयारी पहले ही चालू कर देनी पड़ेगी और आपको कंप्यूटर में इंटरेस्ट लेना शुरू कर देना चाहिए।

Software developer kaise bane

एक सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए आपको कंप्यूटर के डिफरेंट भागों के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

इन्हें कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर बनाने में, उन्हें मैनैज करने में महारत हासिल होती है। एक सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए कैंडिडेट को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कोर्स करना पड़ता है। सॉफ्टवेयर डेवलपर कोर्स को इंडिया के कई इंस्टिट्यूट के द्वारा ऑफर किया जाता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर क्या होता है?

सॉफ्टवेयर डेवलपर क्या है यहाँ आपको पूरी जानकारी मिल जाएगा। डेवलपर का हिंदी भाषा में अर्थ होता है विकसित करना अथवा निर्माण करना। अगर आप सोचते हें कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने तो इसे ज़रूर पढ़ें।

इस प्रकार एक सॉफ्टवेयर डेवलपर वह व्यक्ति होता है जो कोडिंग और प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग करके लोगों की डिमांड के हिसाब से अथवा इंस्टिट्यूट की डिमांड के हिसाब से सॉफ्टवेयर क्रिएट करने का काम करता है उसे ही सॉफ्टवेयर डेवलपर कहते हैं।

एक सॉफ्टवेयर डेवलपर सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के बाद उसकी टेस्टिंग करता है और समय-समय पर उसे अपडेट करने का कार्य भी करता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर कोर्स

जिन छात्रों से 12वीं की परीक्षा को कम से कम 60 प्रतिशत अंक के साथ इंडिया के किसी भी सर्टिफाइड स्कूल से पास किया है, वह सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने से संबंधित किसी भी कोर्स में एडमिशन के लिए अप्लाई करने के लिए पात्रता रखते हैं।

12वीं के बाद सॉफ्टवेयर डेवलपर कोर्स मे अभ्यर्थी बीसीए, एमसीए के अलावा आईटी कोर्स करके सॉफ्टवेयर डेवलपर बन सकते हैं।

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए क्या करें?

जैसा कि आप जानते हैं कि कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को क्रिएट करने के लिए कठिन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का यूज किया जाता है, इसलिए आपकी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर पकड़ और प्रोग्रामिंग लॉजिक अच्छी होनी चाहिए।

इस पेज पर आप जानेंगे कि सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए क्या करना पड़ता है और सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने की प्रक्रिया क्या है।

1. बारहवीं की एग्जाम का पास करें

सॉफ्टवेयर डेवलपर नौकरियां करने केलिए या सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए हर विद्यार्थी को अपने कदम 12वीं की एग्जाम को पास करने के बाद से आगे बढ़ाने होते हैं क्योंकि सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए 12वीं की कक्षा को साइंस के सब्जेक्ट के साथ कम से कम 60% अंकों के साथ किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय से पास करना जरूरी होता है।

इसलिए सबसे पहले 12वीं की कक्षा को पास करें।

2. बैचलर कोर्स में एडमिशन लें और डिग्री कंप्लीट करें

12वीं की कक्षा को पास करने के बाद बारी आती है सॉफ्टवेयर डेवलपर से संबंधित कोर्स में एडमिशन लेने की। आपको बता दें कि, 12वीं कक्षा पास करने के बाद आप बीसीए, बीटेक तथा दूसरे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपिंग से संबंधित कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।

इन कोर्स में एडमिशन लेने से पहले आपको कुछ इंस्टिट्यूट में एंट्रेंस एग्जाम भी देनी पड़ सकती है और कुछ इंस्टीट्यूट डायरेक्ट एडमिशन देते हैं। इस प्रकार एडमिशन पाने के बाद आपको कठिन मेहनत करके सॉफ्टवेयर डेवलपर से संबंधित कोर्स की डिग्री हासिल करनी होती है।

3. इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करें

सॉफ्टवेयर डेवलपिंग से संबंधित कोर्स की डिग्री हासिल करने के दरमियान आपको इस बात की जानकारी हो जाती है कि सॉफ्टवेयर कैसे बनाया जाता है? परंतु अगर आप इस फील्ड में एक्सपर्ट होना चाहते हैं, तो आपको डिग्री कंप्लीट करने के बाद इंटर्नशिप भी अवश्य करनी चाहिए।

इसके अंदर आपको काफी गहराई से सॉफ्टवेयर डेवलपिंग से संबंधित कई रहस्य और बातों के बारे में बताया जाता है जिसके कारण आप सॉफ्टवेयर डेवलपिंग की फील्ड में कई बातें जान सकते हैं और अच्छे सॉफ्टवेयर क्रिएट कर सकते हैं।

4. नौकरी के लिए अप्लाई करें

इंटर्नशिप पूरी करने के बाद आप यह अच्छे से जान जाते हैं कि सॉफ्टवेयर की उपयोगिता और सॉफ्टवेयर डेवलप कैसे किया जाते हैं। इसके बाद बारी आती है सॉफ्टवेयर डेवलपर की पोस्ट प्राप्त करने की।

इसके लिए आप किसी भी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं और अगर आप उनकी एलिजिबिलिटी के सारे पैमाने को पूरा करते हैं, तो आपको सॉफ्टवेयर डेवलपर की पोस्ट दी जाती है, जिसके बाद आप कंपनी के लिए अथवा किसी व्यक्ति विशेष के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपिंग का वर्क कर सकते हैं।

नोट: अगर आप सॉफ्टवेयर डेवलपिंग की फील्ड में ज्यादा इंटरेस्ट प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप चाहे तो बीसीए अथवा बी टेक का कोर्स करने के बाद इसकी हायर डिग्री जैसे कि एमसीए और एमटेक का कोर्स भी कर सकते हैं। अगर आप इसकी मास्टर डिग्री हासिल कर लेते हैं, तो आपकी सैलरी भी बढ़ सकती है और आपको ऊंचा पद किसी भी आईटी कंपनी में प्राप्त हो सकता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर सैलरी

शुरवात में एक सॉफ्टवेयर डेवलपर को किसी भी कंपनी में स्टार्टिंग में तकरीबन ₹15000 से लेकर ₹18000 तक की सैलरी महीने में दी जाती है और जब उसे काम करते करते कुछ साल हो जाते हैं और उसे अच्छा खासा एक्सपीरियंस इस फील्ड में मिल जाता है तो उसकी सैलरी उसकी कंपनी के द्वारा इनक्रीस की जाती है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर सैलरी भारत में, जितने भी बड़ी बड़ी कंपनियों है शुरुवात में ही सॉफ्टवेयर डेवलपर को ₹20,000 से लेकर ₹28,000 तक की सैलरी भी प्राप्त होती है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर के कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है?

इसमें अभ्यर्थियों को सॉफ्टवेयर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वालीकोडिंग और प्रोग्रामिंग भाषाओं जैसे Java, C++, HTML, PHP, Python, Ruby, Java Script का ज्ञान दिया जाता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए सॉफ्टवेयर से संबंधित किसी भी कोर्स की पढ़ाई करनी पड़ती है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम क्या है?

सॉफ्टवेयर डेवलपर व्यक्ति विशेष या फिर इंस्टिट्यूट की डिमांड के हिसाब से उनके लिए उपयोगी सॉफ्टवेयर क्रिएट करता है। इसके अलावा वह क्लाइंट्स/बिजनेस के लिए भी सॉफ्टवेयर क्रिएट करने का काम करता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए कितना पैसा लगता है?

यह डिपेंड करता है कि आप सॉफ्टवेयर डेवलपिंग का कोर्स किसी सरकारी या प्राइवेट इंस्टिट्यूट से कर रहे हैं, क्योंकि दोनों ही प्रकार के इंस्टिट्यूट में फीस में काफी अंतर होता है।

निष्कर्ष

तो साथियों इस लेख को पढ़ने के बाद सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने और यह क्यों जरूरी है? अब आप भली-भांति जान चुके होंगे। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई है तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करना ना भूलें। सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे करे को ले कर अगर आपके मन में कुछ डाउट है तो निचे कमेंट के माध्यम से हमें बतेयें।

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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