क्या आप जानते है के यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है? कंप्यूटर पर कार्य करने हेतु अलग-अलग कैटेगरी और प्रकार के सॉफ्टवेयर होते हैं, उन्हीं में से एक सॉफ्टवेयर का प्रकार है UTILITY सॉफ्टवेयर। आपको बता दें कि, यूटिलिटी सॉफ्टवेयर को सर्विस प्रोग्राम कहकर भी उच्चारित किया जाता है।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर आपके पीसी/ कंप्यूटर सिस्टम को अधिक कार्य करने की कैपेसिटी देता है। आपके कंप्यूटर को सही ढंग से एनालाइज, ऑप्टिमाइज और मेंटेन करने का कार्य भी एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर करता है। अतः इस लेख में आपको सरल शब्दों में Utility Software क्या होता है के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेंगे।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या होता है?

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को मेंटेन करने, ऑप्टिमाइज करने और उसे एनालाइज करने तथा Configure करने का काम करते हैं।

utility software kya hai

सामान्य तौर पर लोग इसे यूटिलिटी या फिर Utilities कहकर भी बुलाते हैं। यूटिलिटी सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर को डिफरेंट टाइप से हेल्प करते हैं ताकि आपके कंप्यूटर की परफॉर्मेंस में इंप्रूवमेंट हो सके।

जैसे कि डिस्क रिपेयर, फाइल मैनेजमेंट, एंटीवायरस, बैकअप, नेटवर्किंग प्रोग्राम आदि।

आपको यह भी बता दें कि सही ढंग से कंप्यूटर हार्डवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम को व्यवस्थित करने में हेल्प करने के उद्देश्य के लिए यूटिलिटी सॉफ्टवेयर को डिजाइन किया गया है।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के प्रकार

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के बहुत सारे प्रकार है परंतु नीचे हम आपको कुछ मुख्य यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के प्रकार बता रहे हैं।

#1. फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम

फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम का यूज़ फाइल को ऑर्गेनाइज करने के लिए किया जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि, डिफरेंट टाइप का डाटा कंप्यूटर की मेमोरी में Save होता हैं और उनका मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी फाइल मैनेजर प्रोग्राम के ऊपर ही होती है। और यही प्रोग्राम डाटा से संबंधित कुछ वर्क को करने की सेवा यूजर को प्रोवाइड करवाते हैं। फाइल मैनेजर प्रोग्राम के द्वारा ही आप फाइल को कंप्यूटर में सेव कर पाते हैं और उसे डिलीट कर पाते हैं। इसके अलावा उसकी एडिटिंग कर पाते हैं साथ ही उसकी लोकेशन और उसका नाम भी चेंज कर पाते हैं।

#2. डिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम एंड डिस्क क्लीनर

कंप्यूटर का उपयोग करने के दौरान अलग-अलग कामों को करने के दरमियान बहुत सारे फालतू के डाटा कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाते हैं जिसके कारण धीरे-धीरे कंप्यूटर के काम करने की स्पीड कम होने लगती है।

इसके अलावा हमारा कंप्यूटर हैंग करने लगता है। इसीलिए उस एक्स्ट्रा डाटा को हटाने का काम डिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम और डिस्क क्लीनर करता है। कंप्यूटर में मौजूद इसी प्रोग्राम के कारण हमारे कंप्यूटर में जो एक्स्ट्रा और फालतू का डाटा स्टोर हो जाता है वह रिमूव हो जाता है। यह प्रोग्राम ऑटोमेटिक ही फालतू के डाटा को आईडेंटिफाई कर लेता है।

#3. फाइल कंप्रेशन प्रोग्राम

कंप्यूटर में उपलब्ध किसी फाइल का साइज जब हमें कम करना होता है तो उस फाइल की साइज को कम करने में हमारी सहायता फाइल कंप्रेशन प्रोग्राम ही करता है। इसके जरिए यूजर कंप्यूटर में किसी बड़ी फाइल के डाटा को और उसकी साइज को कम कर सकता है और इस प्रकार वह अपने कंप्यूटर में एक्स्ट्रा स्पेस फ्री कर सकता है।

#4. सिक्योरिटी प्रोग्राम

कंप्यूटर में कभी-कभी तरह-तरह के वायरस चले आते हैं जैसे कि ट्रोजन, मालवेयर इत्यादि और इन वायरस के कारण हमारा कंप्यूटर भारी मात्रा में हैंग करने लगता है। इसके अलावा कभी-कभी यह वायरस किसी अटैकर के द्वारा भेज भी जाते हैं, ताकि वह हमारे कंप्यूटर से डाटा चोरी कर सके। ऐसी अवस्था में कंप्यूटर में उपलब्ध सिक्योरिटी प्रोग्राम हमारे कंप्यूटर को हानिकारक वायरस से बचाने का काम करता है।

#5. बैकअप एंड रिकवरी टूल्स

अगर किसी भी कारण से कंप्यूटर में उपलब्ध हमारी कोई फाइल करप्ट हो जाती है या फिर कोई भी डाटा करप्ट हो जाता है तो कभी-कभी हमें भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसी अवस्था में अपनी फाइल या फिर डाटा को सिक्योर करने के लिए हमें बैकअप एंड रिकवरी यूटिलिटी की आवश्यकता पड़ती है। आप चाहे तो इंटरनेट से बहुत सारे बैकअप यूटिलिटी टूल के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं और उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह यूटिलिटी टूल आपके कंप्यूटर में मौजूद डाटा का बैकअप दूसरी जगह पर क्रिएट कर देता है। आप चाहें तो इस टूल की सहायता से मिट चुके डाटा को भी वापस से प्राप्त कर सकते हैं।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के फायदे

  • कंप्यूटर सिस्टम की एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए यूटिलिटी एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाता है।
  • अपने कंप्यूटर में यूटिलिटी सॉफ्टवेयर यूजर को उनकी इच्छा के अनुसार सेटिंग को या फिर डेस्कटॉप को Customize करने में सहायता प्रदान करता है। उदाहरण के स्वरूप Screen Saver
  • कंप्यूटर में मौजूद कुछ फेमस वायरस जैसे कि मालवेयर और स्पाइवेयर जैसे वायरस से भी कंप्यूटर को बचाने का काम यूटिलिटी सॉफ्टवेयर करता है जो इसका प्रमुख फायदा माना जाता है।
  • आपके सिस्टम में जो पासवर्ड आप लगा सकते हैं उसके लिए भी यूटिलिटी सॉफ्टवेयर ही जिम्मेदार होता है, क्योंकि यही आपको कंप्यूटर में पासवर्ड की सेटिंग करने के लिए सिक्योरिटी उपलब्ध करवाता है, ताकि अपने कंप्यूटर में पासवर्ड लगा कर के आप अपने कंप्यूटर को अनजान आदमी के द्वारा इस्तेमाल करने से बचा सके।
  • यूटिलिटी सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर की मेमोरी का मैनेजमेंट भी करता है और यही आपके कंप्यूटर की मेमोरी की परफॉर्मेंस को इंप्रूव करने का काम भी करता है तथा उसकी कैपेसिटी को बढ़ाता है।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के कुल कितने प्रकार है?

वैसे तो यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के बहुत सारे प्रकार हैं परंतु इसके मुख्य पांच प्रकार के बारे में हमने आपको आर्टिकल में बता रखा है।

लोकप्रिय यूटिलिटी प्रोग्राम के नाम क्या है?

Antivirus Programs, File Manager, Backup Software, Registry Cleaners, Screen Saver, DirectX, Compression Utilities.

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कौन सी कैटेगरी में आते हैं?

सिस्टम सॉफ्टवेयर।

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का काम क्या है?

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर की परफॉर्मेंस में इंप्रूवमेंट करता है। इसके अलावा कंप्यूटर को सिक्योरिटी देने का काम भी करता है, साथ ही ट्रबल शूटिंग करने के दरमियान भी यह हमारी सहायता करता है।

Previous articleऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार
कंप्यूटर एडिशन की संपादकीय टीम आपको सरल भाषा में कंप्यूटर से संबधित सभी साधारण जानकारी सहित ज्ञान कौशल की तालीम प्रदान करती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here