कई लोग अक्सर इस क्वेश्चन का आंसर खोजते रहते हैं कि कंप्यूटर अथवा लैपटॉप के सॉफ्टवेयर कैसे क्रिएट किए जाते है अथवा सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं। ऐसे लोगों के इस प्रश्न का सीधा जवाब उन्हें इस आर्टिकल में प्राप्त होने वाला है।

कंप्यूटर लैपटॉप का इस्तेमाल कर टेक्नोलॉजी से जुड़े छात्रों के मन में यह सवाल सबसे अधिक आता है। क्योंकि अपने दैनिक कार्यों से लेकर मनोरंजन के लिए हम अलग-अलग सॉफ्टवेयर्स का प्रयोग करते हैं, ऐसे में हमें सॉफ्टवेयर के बनाने की प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए।

सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं?

कई लोगों का यह मानना होता है एक सॉफ्टवेयर बनाने का कार्य एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का ही होता है। परंतु यह सच है कि बिना कोर्स किए भी टेक्निकल कोडिंग की जानकारी की मदद से एक सॉफ्टवेयर कोई भी तैयार कर सकता है।

software kaise banta hai

सॉफ्टवेयर बनाने के सॉफ्टवेयर बनाने के लिए यूनिवर्सिटी के द्वारा कई कोर्स ऑफर किए जाते हैं,जिन्हें पूरा करके आवेदक सॉफ्टवेयर की क्रिएट करना सीख सकता है। सॉफ्टवेयर कैसे बनता है,इसके बारे में जानने से पहले आइए जानते हैं कि सॉफ्टवेयर आखिर होता क्या है

सॉफ्टवेयर क्या होता है?

सॉफ्टवेयर निर्देशों का एक ऐसा सेट होता है, जो कंप्यूटर अथवा लैपटॉप या फिर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को यह इंफॉर्मेशन प्रदान करता है कि आखिर उन्हें क्या कार्य करना है।

दूसरे शब्दों में कहें तो कंप्यूटर अथवा लैपटॉप या फिर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जिन पार्ट्स को हम अपने हाथों से टच नहीं कर सकते उसे सॉफ्टवेयर कहा जाता है।

सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के लिए व्यक्ति को कोडिंग लैंग्वेज और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखना पड़ता है और इन दोनों लैंग्वेज को सीखने के लिए इंडिया में यूनिवर्सिटी के द्वारा कई कोर्स ऑफर किए जाते हैं।

जिन्हें करके अभ्यर्थी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अथवा सॉफ्टवेयर डेवलपर बन सकता है और नए नए सॉफ्टवेयर इंस्टिट्यूट अथवा व्यक्ति विशेष की डिमांड पर क्रिएट कर सकता है।

सॉफ्टवेयर के प्रकार कितने हैं?

सॉफ्टवेयर के कुल दो प्रकार हैं,जिनके नाम हमने नीचे मेंशन किए हैं।

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर के मैनेजमेंट और कंप्यूटर को कंट्रोल करने के इरादे से इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का यूज किया जाता है। आपको बता दें कि, जितने भी महत्वपूर्ण कार्य कंप्यूटर और लैपटॉप में होते है,उनमें सबसे ज्यादा सपोर्ट सिस्टम सॉफ्टवेयर का ही होता है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर पार्ट को कंट्रोल करता है।यह कंप्यूटर में यूज होने वाले सॉफ्टवेयर को भी कंट्रोल करता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर की आवश्यक प्रोसेस का मुख्य जरिया है। यह कंप्यूटर की सभी डॉक्यूमेंट और फाइल में चेंज करने के काम आता है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं: Windows, Linux, Android, Unix

2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए इस प्रकार के सॉफ्टवेयर को क्रिएट किया जाता है।यह लोगों पर निर्भर करता है कि वह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को किस प्रकार से यूज करना चाहते हैं।

आपको बता दें कि, सिस्टम सॉफ्टवेयर की आवश्यकता एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को वर्क करने के लिए होती है।हम और आप अपने कंप्यूटर पर जितने भी सॉफ्टवेयर का यूज़ करते हैं वह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ही होते हैं।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं: Microsoft Office Word, Microsoft Office Excel, Microsoft Office Powerpoint, Paint, Notepad

सॉफ्टवेयर कैसे बनाया जाता है?

सॉफ्टवेयर कैसे करें या सॉफ्टवेयर कैसे बनता है इसके बारे में इंफॉर्मेशन जानने के लिए नीचे दी गई बातों को ध्यान से पढ़ें।

1. अपनी पसंद को समझे

सॉफ्टवेयर कैसे बनाएं, यह जानने के लिए सबसे पहले तो आपको यह पता करना होगा कि आपको किस प्रकार का सॉफ्टवेयर क्रिएट करना है। सॉफ्टवेयर मुख्य तौर पर दो प्रकार के होते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर। इनके बारे में हमने आपको ऊपर बताया है।

इसलिए सबसे पहले तो यह डिसीजन ले कि आखिर आप एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्रिएट करना चाहते हैं या फिर सिस्टम सॉफ्टवेयर क्रिएट करना चाहते हैं।

2. प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखे

हम बार-बार आपसे यह कहते हैं कि सॉफ्टवेयर बनाने के लिए आपको कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और कोडिंग लैंग्वेज की जानकारी प्राप्त करनी ही होगी और आपको मुख्य तौर पर इन पर ही अपनी पकड़ को मजबूत बनाना होगा,क्योंकि सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के लिए मुख्य तौर पर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और कोडिंग लैंग्वेज का ही यूज किया जाता है।

आपकी पकड़ जितना ज्यादा इन पर अच्छी होगी आप उतना ही अच्छा सॉफ्टवेयर तेजी से बना पाएंगे। आपको बता दें कि, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज डिफरेंट टाइप की होती है परंतु नीचे मैं आपको कुछ मुख्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की इंफॉर्मेशन दे रहा हू जिन्हें सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के लिए आपको सीखना पड़ेगा।

C

यह बहुत ही ओल्ड कंप्यूटर की लैंग्वेज है और कई लोग ऐसा भी कहते हैं कि कंप्यूटर की अन्य लैंग्वेज का उदय इसके बाद ही हुआ है। वर्तमान के टाइम में भी इसकी काफी इंपोर्टेंस है। लो लेवल प्रोग्राम को इस लैंग्वेज से डिजाइन किया जा सकता है।

C++

बता दें कि इसकी सहायता से ही फोटोसोप, फायर फॉक्स और क्रोम जैसे पॉपुलर सॉफ्टवेयर क्रिएट किए गए हैं और वर्तमान के टाइम में भी कई बड़ी कंपनियां सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के लिए इस लैंग्वेज का यूज करती हैं।आज भी इसकी काफी डिमांड मार्केट में है।

Java

सॉफ्टवेयर डेवलपर गेम और एंड्राइड सॉफ्टवेयर डेवलप करने के लिए java एप्लीकेशन का यूज करते हैं।

C#

यह नेट फ्रेमवर्क का Part है और विंडो पर निर्धारित एक लैंग्वेज है।जिस व्यक्ति को Java की पहले से ही इंफॉर्मेशन है,वह आसानी से इस लैंग्वेज को लर्न कर सकता है।

Python

इसका यूज अधिकतर वेब डेवलपमेंट में देखने को मिलता है। इसे आप आसानी से सीख सकते हैं।

PHP

सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के अलावा इसका यूज अधिकतर वेब डेवलपमेंट में भी होता है।

3. कोचिंग की सहायता लें

जब हम किसी चीज की शुरुवात करते हैं, तो यह जाहिर सी बात होती है कि उसमें हमसे कुछ गलतियां भी हो जाती है,परंतु अगर हम लगातार गलतियां करते जाते हैं, तो ऐसा करने से हमारे समय की काफी बर्बादी होती है।

इसलिए यहां पर हमारा कहने का मतलब है कि सॉफ्टवेयर कैसे बनता है यह जानने के लिए आपको सॉफ्टवेयर सिखाने वाले टीचर से संपर्क करना चाहिए। वह सॉफ्टवेयर कैसे क्रिएट किए जाते हैं इसके बारे में आपको सभी प्रकार के जानकारी उपलब्ध करवा सकते हैं।

आप चाहें तो इंटरनेट का सहारा भी ले करके यह जान सकते हैं कि सॉफ्टवेयर कैसे बनता है अथवा सॉफ्टवेयर बनाने की प्रोसेस क्या है। इंटरनेट पर ऐसी कई वीडियो आजकल मौजूद हो चुकी हैं,जिसमें सॉफ्टवेयर बनाना सिखाया जाता है जिसे देख कर के आप सॉफ्टवेयर डेवलपिंग की अपनी स्किल्स को और भी स्ट्रांग कर सकते है।

4. दैनिक अभ्यास करें

सॉफ्टवेयर डेवलपिंग की फील्ड में नए होने पर आपको दैनिक रूप से अभ्यास करने की आवश्यकता होती है, क्योंकि जब आप कुछ नया सीख रहे होते हैं तब आपको उसके पीछे अपना टाइम देना होता है और उस चीज का डेली अभ्यास करना होता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए व्यक्ति की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए तभी वह इस फील्ड में अच्छा कैरियर बना सकता है। इसीलिए जब आप सॉफ्टवेयर कैसे बनता है,इसके बारे में सीखे तो आपने जो भी सीखा है उसका रोजाना अभ्यास करें ताकि आपने जो सीखा है वह आपको लंबे समय तक याद रहे।

सॉफ्टवेयर बनाने के लिए क्या करें?

सॉफ्टवेयर बनाने के लिए आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से संबंधित विभिन्न कोर्स कर सकते हैं और सॉफ्टवेयर डेवलपिंग सीख सकते हैं।

कंप्यूटर लैंग्वेज कैसे सीखे?

कंप्यूटर लैंग्वेज सीखने के लिए आप बीटेक, एमटेक, बीसीए,एमसीए और दूसरे कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से संबंधित कोर्स कर सकते हैं।

क्या हम सॉफ्टवेयर को छू सकते हैं?

नहीं कोई भी व्यक्ति सॉफ्टवेयर को टच नहीं कर सकता।

क्या हम हार्डवेयर को छू सकते हैं?

हां आप हार्डवेयर को छू सकते हैं।

आशा करता हूँ के आपको यह लेख सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं पसंद आया होगा। अगर आपको इससे कुछ सिखने को मिला तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें। सॉफ्टवेयर कैसे बनता है को ले कर अगर आपके मन में कुछ डाउट है तो निचे कमेंट के माध्यम से हमें बतेयें।

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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