हम जिस कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं उसमें तरह-तरह की एप्लीकेशन होती है, साथ ही कई सॉफ्टवेयर भी होते हैं। आपने भी कई बार यह देखा होगा कि फोन खराब हो जाने पर कई बार उसका सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाता है। चलिए यहां हम जानते हैं की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कौन कौन से है

इसके अलावा समय-समय पर कंप्यूटर और लैपटॉप के भी सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाते हैं। सॉफ्टवेयर के बारे में आप जानते ही होंगे। इसीलिए इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कौन कौन से होते हैं।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कार्य?

एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का वह प्रकार है जिसे किसी विशेष टास्क को पूरा करने हेतु बनाया जाता है। यह सॉफ्टवेयर चूंकि सिस्टम सॉफ्टवेयर से अलग होते हैं अतः यूजर मैनुअली कभी भी इन्हें Install तथा Uninstall कर सकता है।

application software kaun sa hai

बता दें सॉफ्टवेयर कई प्रकार के होते हैं जैसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, यूटिलिटी सॉफ्टवेयर और सिस्टम सॉफ्टवेयर, इन सभी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली और उद्देश्य भिन्न – भिन्न होते है।

फिलहाल इस लेख में हम जानते हैं कंप्यूटर में काम करने के लिए किस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है और उनके नाम क्या है। अगर आप सोचते हैं की एक सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने या सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने तो इस लेख को जरूर पढ़े।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है?

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में कंप्यूटर प्रोग्राम शामिल होते हैं जो उपयोगकर्ता को एक विशिष्ट कार्य को पूरा करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। संक्षिप्त नाम ‘ऐप’ का उपयोग मोबाइल उपकरणों पर एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर के संदर्भ में किया जाता है। शब्द “सॉफ़्टवेयर” का उपयोग उन कंप्यूटर प्रोग्रामों के संदर्भ में किया जाता है जो एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर के बाहर चलते हैं।

एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर को व्यापक रूप से उत्पादकता प्रकार, शिक्षा प्रकार, गेमिंग प्रकार इत्यादि जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। सॉफ़्टवेयर किसी भी प्रकार के प्लेटफ़ॉर्म जैसे विंडोज़, लिनक्स, एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) इत्यादि के लिए विकसित किया जा सकता है, जिसे क्रॉस के रूप में भी जाना जाता है। -प्लेटफार्म विकास।

एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर को कभी-कभी “सॉफ़्टवेयर एप्लिकेशन” या बस “एप्लिकेशन” के रूप में जाना जाता है।

एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर कंप्यूटर और अन्य उपकरणों के लिए एक प्रोग्राम है जो उन्हें वह करने में मदद करता है जो आप उन्हें करना चाहते हैं। एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर में ऐसे प्रोग्राम शामिल होते हैं जिनका उपयोग आप प्रतिदिन करते हैं, जैसे आपका वेब ब्राउज़र और ईमेल प्रोग्राम, साथ ही बजट प्रबंधन या अपना समय निर्धारित करने जैसे कार्यों के लिए विशेष-उद्देश्य सॉफ़्टवेयर।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के नाम

दुनिआ में जितने भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाया गया है उनका बहत सारे प्रकार है, नीचे आपको कुछ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का नाम की जानकारी दी जा रही है।

1. वर्ड प्रोसेसिंग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

यह एक ऐसा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है, जिसमें हम किसी डाटा को इंटर कर सकते हैं, आवश्यकता पड़ने पर उसमें एडिटिंग कर सकते हैं साथ ही डाटा को किसी के साथ भी शेयर कर सकते हैं।

इस प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में अक्सर किताबें, रिपोर्ट या फिर पत्र लिखे जाते हैं, साथ ही साथ कुछ अन्य काम भी इस प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में किए जाते हैं। इस प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल लगभग सभी जगह पर होता है, क्योंकि यह एक नॉर्मल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है।

2. स्प्रेडशीट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

इस एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का अधिकतर इस्तेमाल कंपनियों में किया जाता है क्योंकि इसमें आप बही खाता बना सकते हैं।

इस एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में आप पैसों के लेन-देन का हिसाब भी रख सकते हैं और उसका रिकॉर्ड तैयार कर सकते हैं साथ ही उसमें कभी भी एडिटिंग भी कर सकते हैं। इसमें आपको केलकुलेटर, पेंसिल और इरेज़र भी मिल जाता है।

3. डेटाबेस एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डाटा को स्टोर करने के लिए, उसका सही प्रकार से मैनेजमेंट करने के लिए और कंप्यूटर सिस्टम की शानदार कैपेसिटी का फायदा उठाने के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को डिजाइन किया गया है।

कुछ अन्य एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर इस प्रकार हैं;

  • प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर
  • मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर
  • एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर
  • एप्लीकेशन सूट्स

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की कैटेगरी क्या है?

ऐसे में बता दूँ की Application Software Examples, सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं और उनका Category बहत सारे है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को दो प्रकार की कैटेगरी में बांटा गया है जिनकी जानकारी नीचे मेंशन की गई है।

1. जर्नल उद्देश्य सॉफ्टवेयर

ऐसा Software जो उपयोगकर्ता की जरूरत के हिसाब से किसी नॉर्मल काम को पूर्ण करता है। इसे यूजर की अधिक से अधिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए इस प्रकार से डिजाइन किया जाता है ताकि वह यूजर के लिए फायदेमंद साबित हो सके।

सबसे अच्छी बात जनरल परपज सॉफ्टवेयर की यह है कि कठिन कार्यों को कम समय में तेजी से करने में सक्षम होते हैं। जनरल परपज सॉफ्टवेयर के कुछ एग्जांपल इस प्रकार हैं;

  • वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर जैसे एमएस वर्ड, नोटपैड, वर्ड पैड
  • स्प्रेडशीट जैसे एम एस एक्सेल, वीपी प्लानर, ग्राफिक, एम एस पावर प्वाइंट, हारवर्ड ग्राफिक
  • डेस्कटॉप पब्लिशिंग: पेजमेकर
  • डिजाइनिंग: कोरल्ड्रॉ, ऑटोकैड
  • मल्टीमीडिया: फ्लैश, 3D एनीमेशन

2. विशेष उद्देश्य सॉफ्टवेयर

डेवलपर के द्वारा जिन प्रोग्राम को यूजर की आवश्यकता को देखते हुए स्पेशल तौर पर क्रिएट किया जाता है उन्हें विशेष उद्देश्य सॉफ्टवेयर यानी कि स्पेशल परपज सॉफ्टवेयर कहा जाता है।

इस सॉफ्टवेयर को डिमांड के हिसाब से भी बनाया जाता है और किसी इंस्टिट्यूट से रिलेटेड मैन्युअल काम को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए भी इस प्रकार के सॉफ्टवेयर को क्रिएट किया जाता है।

इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके यूजर अपने सारे काम पूरा कर सकते है, हालांकि इन्हें बनवाने में काफी ज्यादा खर्चा आता है। इसीलिए जिन लोगों के पास अच्छा इन्वेस्टमेंट होता है वही इस प्रकार के सॉफ्टवेयर को डेवलपर कंपनी या फिर डेवलपर व्यक्ति से बनवा पाते हैं। स्पेशल परपज सॉफ्टवेयर के कुछ एग्जांपल नीचे बताए अनुसार हैं।

  • अकाउंटिंग पैकेज
  • पेरोल पैकेज
  • होटल मैनेजमेंट सिस्टम
  • रेलवे रिजर्वेशन
  • लाइब्रेरी सिस्टम

सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बीच क्या अंतर है?

सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बीच बहत सारे अंतर है, अगर बात किया जाये तो वो Software आपने हिसाब से अलग अलग काम करते हैं।

Operating System को पीसी/ लैपटॉप में इंस्टॉल करते समय कंप्यूटर में सिस्टम सॉफ्टवेयर ऑटोमैटिक इंस्टॉल हो जाता है। एक यूजर अपनी आवश्यकता के हिसाब से Application Software को अपने डिवाइस में इंस्टॉल करता है। चूंकि यह पहले से ही इनबिल्ट हो करके नहीं आते हैं।

यूजर्स अपने किसी स्पेशल टास्क को कंप्लीट करने के लिए लोग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करते है, वही अगर System Software की बात करें तो कंप्यूटर में जो Hardware उपलब्ध होता है, उसे ऑपरेट करने के लिए System Software को काम में लिया जाता है।

बता दें कि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर स्वतंत्र तौर पर वर्क नहीं करते हैं बल्कि इन्हें वर्क करने के लिए आवश्यकता पड़ती है सिस्टम सॉफ्टवेयर की परंतु अगर सिस्टम सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।

सिस्टम सॉफ्टवेयर के एग्जांपल की बात करें तो कंपाइलर, असेंबलर डीबगर ड्राइवर सिस्टम सॉफ्टवेयर के एग्जांपल हैं, वही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के एग्जांपल वेब ब्राउज़र, मीडिया प्लेयर, वर्ड प्रोसेसर इत्यादि है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को हम अपनी आवश्यकता के हिसाब से इंस्टॉल कर सकते हैं और आवश्यकता खत्म हो जाने पर उसे अनइनस्टॉल भी कर सकते हैं, वही सिस्टम सॉफ्टवेयर पहले से ही इनबिल्ट हो करके आता है। हम उसे अनइनस्टॉल नहीं कर सकते।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सस्ता होता है या महंगा?

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सस्ता होता है।

क्या हम अप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के बाद अनइनस्टॉल कर सकते हैं?

जी हां बिल्कुल आप ऐसा कर सकते हैं।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का वैकल्पिक नाम क्या है?

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को एंड यूजर प्रोग्राम भी कहा जाता है और इसे सिर्फ एप्लीकेशन भी कहा जाता है।

एप्लीकेशन क्या है?

विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन होता है जो आपको किसी विशेष कार्य को करने की इजाजत देता है।

निष्कर्ष

तो साथियों इस लेख को पढ़ने के बाद एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कौन सा है और यह क्यों जरूरी है? अब आप भली-भांति जान चुके होंगे। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई है तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करना ना भूलें। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कौन-कौन से को ले कर अगर आपके मन में कुछ डाउट है तो निचे कमेंट के माध्यम से हमें बतेयें।

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में एक कंप्यूटर टीचर हूँ और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री किया हुआ है. मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित चीजें बहुत ही दिलचस्प लगता है. इसी कंप्यूटर एडिशन ब्लॉग के जरिये में कंप्यूटर कोर्स को सरल तरीको से समझाने की कोसिस करती हूँ.

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